वो बिजली जाने के बाद, कैंडल लेकर टॉयलेट जा रही थी। कोई कम्बख्त फूंक मार के कह गया- हैपी बर्थडे टू यू। अब बताओ ....! इमरजेन्सी में भी मजाक। बेचारी अंधरे में रह गई। हमारे बचपन में कपड़े तीन टाइप के ही होते थे- स्कूल का, घर का और किसी खास मौके का। अब तो कैजुअल, फॉर्मल, नॉर्मल, स्लीप वियर, स्पोर्ट वियर, पार्टी वियर, स्विमिंग, जॉगिंग, संगीत ड्रेस, फलाना- ढिमका। जिंदगी आसान बनाने चले थे पर वह कपड़ों की तरह कॉम्प्लिकेटेड हो गई है। रात के दो बजे चाची का मोबाइल बजा। चाचा चौंक कर उठा तो देखा मोबाइल पर एक मैसेज था। ब्यूटीफुल। चाचा ने तुरंत चाची को उठाया और गुस्सेसे पूछा- यह क्या हो रहा है? इतनी रात तुम्हें ब्यूटीफुल का मैसेज किसने भेजा है? चाची भी चकरा गई कि अब 50 की उम्र में उसे ब्यूटीफुल कौन कहेगा भला। जब उसने मोबाइल हाथ में लिया तो झल्लाकर चाचा से बोली- चश्मा लगाकर मोबाइल देखा करो। वहां ब्यूटीफुल नहीं बैटरीफुल लिखा है।
लड़की का फोन टायलेट मे गिर गया. . . . . . . . TOILET से ''जिन्न्न'' प्रकट हुआ . . . . . . . '' जिन्न '' ने लड़की को गोल्ड का फोन दिया और कहा ये लो तुम्हारा फोन. . . . . . . . लड़की ने ''कुल्हाडी'' वाली कहानी सुन रखी थी . इसलिए ईमानदारी का परिचय देते हुए कहा ये सोने का फोन मेरा नहीं है. . . . . . . . . '' जिन्न '' :- धो के देख पगली तेरा ही है
Comments
Post a Comment